Description
संदर्भ: भैषज्यरत्नावली
शतावरी घृत में उपयोग की गयी सामग्री:
गौघृतम्, गोदूध, शतावरी मूल, जल
शतावरी घृत के फायदे:
अम्लपित्त, वातपैतिक रोग, रक्तपित, तृषा, मूर्च्छा, श्वास तथा सन्ताप रोग जैसे रोगो को दूर करने में लाभकारी।
उपयोग की विधि:
गाय के दूध या क्षीर( खीर) के साथ 20 ग्राम तक ले सकते है।
(घी से चार गुना दूध या क्षीर होनी चाहिए)
– वैद्य की सलाह अनुसार ले।



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