Description
श्री गीर गोरस
ज्योतिष्मती घृत
प्रयोग विधिः
प्रातःकाल धृत की एक बूंद एक पताशा के ऊपर डाल कर ले और हर रोज क्रमश एक-एक बूंद 25 दिन तक बढ़ाते जाये। उदाहरण (आज आपने 1 बूंद धृत की 1 पताशे पर डालकर की है तो दूसरे दिन 2 बूंद धृत की 1 पताशे पर डालकर ले। यह क्रम 25 वे दिन 25 बूंद तक पहोंचे तब उलटे क्रम मे हररोज 1-1 धृत की बूंदे कम करते जाये। इस तरह यह 50 दिन चलनेवाला प्रयोग है।)
लाभः
– यह धृत के प्रयोग से स्मरण शक्ति एवं धारणा शक्ति मे वृद्धि होती है।
– सुनी हुई, देखि हुई या पढ़ी हुई बाते एक बार मे हि जिवनभर धारण करने की शक्ति विकसित होती है।
– मन प्रफुल्लित रहता है।
– मानसिक बिमारी या मानसिक रूप से असक्त बच्चे एवं अन्य सभी को लाभकारी।
सावधनीः
– जिन्हे बवासीर, अल्सर जैसी बिमारीया है एवं शरदी-झुकाम हुआ है वे यह प्रयोग न करे।
– मिर्च मसालेदार, तीखा भोजन, तली हुई चीजों एवं बैंगन से परहेज करे।
– धूप एवं गरमी मे न रहे, ठंडी जगह मे रहे एवं ठंडे पानी से नहाये
– योग्य वैद्य के सलाह-सूचन अनुसार प्रयोग करे।




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