Description
Cow Manure Fertilizer (देशी गाय के चरणों के नीचे से प्राप्त)
Packaging Size: 500 Gram
श्री गीर गोरस गौ चरण खाद
श्री गीर गोरस गौ चरण खाद का गमलों व भूमि पर लाभ दायक प्रभाव
• मिट्टी में भौतिक सुधार
• मिट्टी में वायु संचार बढ़ता है।
• मिट्टी में जलधारण व् जल सोखने की क्षमता बढ़ती है।
• मिट्टी में टाप का स्तर सुधरता है।
• पौधों की जड़ों का विकास अच्छा होता है।
• मिट्टी के कण एक-दुसरे से चिपकते हैं। मिट्टी का कटाव कम होता है।
• भारी चिकनी मिट्टी तथा हल्की रेतीली मिट्टी की संरचना का सुधार होता है।
श्री गीर गोरस गौ चरण खाद के रासायनिक गुणों का प्रभाव
• पौधों को पोषक तत्व अधिक मात्रा में मिलते हैं।
• मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा बढ़ती है।
• मिट्टी की क्षार विनिमय क्षमता बढ़ जाती है।
• मिट्टी में पाये जाने वाले अनुपलब्ध पोषण तत्व, उपलब्ध पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ती है।
• पोटेशियम व फास्फोरस सुपाच्य सरल यौगिकों में आ जाते हैं।
• पौधों की कैल्शियम, मैग्नीशियम, मैगनीज व सूक्ष्म तत्वों की उपलब्धता बढ़ती है।
• कार्बनिक पदार्थ के विच्छेदन से कार्बनडाई ऑक्साइड मिलती है। अनेक घुलनशील कार्बोनेट व बाईकार्बोनेट बनाती है।
श्री गीर गोरस गौ चरण खाद के जैविक गुणों पर प्रभाव
• मिट्टी में लाभदायक जीवाणुओं की संख्या बढ़ती है।
• लाभदायक जीवाणुओं की क्रियाशीलता भी बढ़ती है।
• अनेक जीवाणु मिट्टी से पोषक तत्व लेकर पौधों को प्रदान करते हैं।
• जीवाणुओं द्वारा वातावरण की नाइट्रोजन का स्थिरीकरण अधिक होता है।
• जीवाणु द्वारा वातावरण की नाइट्रोजन का स्थिरीकरण अधिक होता है।
• जीवाणु जटिल नाइट्रोजन को अमोनिया नाईट्रेट आयन्स में बदलते है। नाइट्रोजन का यही रूप पौधों द्वारा ग्रहण किया जाता है।
श्री गीर गोरस गौ चरण खाद प्रयोग करने की विधि
गोबर की खाद को गमलों व खेत में किस विधि से डालें, यह काई बातों जैसे खाद की मात्रा, खाद की प्रकृति, मिट्टी की किस्म व फसल के प्रकार पर निर्भर करता है।
श्री गीर गोरस गौ चरण खाद डालने का समय
गोबर की सड़ी हुई खाद को ही सदैव फसल बोने अथवा गमलों एवं पौधों को लगाने के लिए ही प्रयोग करें। फसलों में बुआई से पूर्व खेत की तैयारी के समय व गमलों को मिट्टी भरते समय अच्छी तरह मिट्टी में मिलाकर पौधे रोपने से एक सप्ताह पूर्व भरें।
भारी चिकनी मिट्टी में ताजा गोबर की खाद बुआई से काफी समय पूर्व प्रयोग करना अच्छा होता है क्योंकि विच्छेदित खाद से मिट्टी में वायु संचार बढ़ जाता है। जलधारण क्षमता भी सुधरती है। हल्की रेतीली मिट्टी एवं पर्वतीय मिट्टी में वर्षाकाल के समय में छोड़कर करें।
श्री गीर गोरस गौ चरण खाद की मात्रा
गोबर की खाद खेत में मोटी परत की अपेक्षा पतली डालना सदैव अच्छा रहता है। लंबे समय की फसल में समय-समय पर खाद की थोड़ी मात्रा देना, एक बार अधिक खाद देने की अपेक्षा अधिक लाभप्रद होता है। सभी फसलों में 20-25 टन प्रति हेक्टेयर एक एकड़ में 10 टन, गोबर की खाद खेत में दी जाती है। सब्जियों के खेत में 50-100 टन प्रति हेक्टेयर व गमलों में साईज व मिट्टी के अनुसार 200 से 600 ग्राम बड़े गमलों में 1 किग्रा, से 1.5 किग्रा. तक प्रति गमला साल में 2-3 बार डालें।



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