Description
सामग्री: चित्रक, पिप्पलीमूल, पूतीक, पुनर्नवा, शुंठी, पिप्पली, चव्य, मरिच ।
फायदे:
- यह घृत श्रेष्ठ अग्निदीपक है।
- ग्रहणी, गुल्म, हृदरोग, शूल, अर्श, शोथ, अजीर्ण और उदर रोग का नाश करता है।
उपयोग की विधि:
सुबह शाम खाने से पहेले या खाने के साथ गर्म पानी के साथ अथवा अपने वैद्य के सलाह अनुसार ले ।
संदर्भ: सहस्त्र योग



Reviews
There are no reviews yet.