Description
अष्टांग घृतमें उपयोग की गयी सामग्री:
वचा, बाकुची, मण्डूकपर्णी, शंखपुष्पी, शतावरी, ब्रह्म, सोम, गुडूची, गौघृत, गाय का दुध ।
अष्टांग घृतके फायदे:
- यह धन्यताकार, आयुष्य बढ़ानेवाला, वाक्सामर्थ्यकर, मेघा, स्मृति तथा बुद्धि वर्धक है।
- यह बच्चों के लिए तंत्रिका टॉनिक(nervine tonic) के रूप में काम करता है.
- यह मंदबुद्धि बच्चों के दिमाग की कोशिकाओं को मज़बूत करता है।
- यह मन को संतुलित करता है।
- यह सोचने और समझने की क्षमता विकसित करने में मदद करता है।
- अल्जाइमर रोग, पार्किंसनिज़्म, मिर्गी, एडीएचडी(ADHD), सेरेब्रल पाल्सी आदि सहित कई मस्तिष्क विकारों मे प्रभावी है।
अष्टांग घृतके उपयोग की विधि:
सुबह शाम खाली पेट 1 चम्मच गाय के दुध के साथ या गुनगुने पानी के साथ अथवा अपने वैद्य के सलाह अनुसार।
संदर्भ: अष्टांग हृदय



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